दुनिया के मशहूर निवेशक और ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) ने एक बार फिर चांदी (Silver) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है और यह $200 प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
इस बयान के बाद भारत में निवेशकों और सर्राफा बाजार में हलचल तेज हो गई है।
क्यों भारत के लिए खास है कियोसाकी का यह बयान?
भारत दुनिया के सबसे बड़े चांदी उपभोक्ता देशों में से एक है।
- भारत में चांदी का उपयोग गहनों, सिक्कों, पूजा-पाठ, उद्योग और निवेश में बड़े पैमाने पर होता है।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के बढ़ने से चांदी की औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है।
रॉबर्ट कियोसाकी का मानना है कि यही वजह है कि आने वाले वर्षों में चांदी सोने से भी बेहतर रिटर्न दे सकती है।
डॉलर कमजोर, चांदी मजबूत: कियोसाकी की चेतावनी
कियोसाकी ने कहा है कि
“अमेरिकी डॉलर धीरे-धीरे अपनी ताकत खो रहा है और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कागजी मुद्रा सुरक्षित नहीं है।”
उनके मुताबिक,
- सोना, चांदी और बिटकॉइन जैसे रियल एसेट्स ही भविष्य में निवेशकों की सुरक्षा करेंगे।
- चांदी महंगाई के दौर में Inflation Hedge के रूप में काम कर सकती है।
यह बयान भारतीय निवेशकों के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत में महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता का सीधा असर निवेश पर पड़ता है।
कीमत गिरी तो भी मौका, डर नहीं
रॉबर्ट कियोसाकी का कहना है कि चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है।
- वह खुद कीमत गिरने पर चांदी और ज्यादा खरीदते हैं।
- उनका फोकस शॉर्ट टर्म मुनाफे के बजाय लॉन्ग टर्म निवेश पर है।
भारत में भी कई निवेशक अब चांदी को SIP और फिजिकल इन्वेस्टमेंट के तौर पर देखने लगे हैं।
भारत में चांदी का बाजार और आगे का संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत बढ़ती है तो इसका असर
- MCX Silver Rate
- घरेलू सर्राफा बाजार
- चांदी के सिक्के और बुलियन
पर साफ देखने को मिलेगा।
रॉबर्ट कियोसाकी का यह बयान संकेत देता है कि आने वाले समय में भारत में चांदी की मांग और कीमत दोनों बढ़ सकती हैं।
निष्कर्ष
रॉबर्ट कियोसाकी के मुताबिक, चांदी सिर्फ एक धातु नहीं बल्कि भविष्य का मजबूत निवेश विकल्प है। बढ़ती औद्योगिक मांग, सीमित सप्लाई और डॉलर की कमजोरी के बीच चांदी भारत के निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर बन सकती है। हालांकि, निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
